CG-शराब दुकानों में ओवररेट का खेल! 2 आबकारी SI को नोटिस, एक निलंबित; बॉटलिंग कंपनी पर भी गिरी गाज
सरकारी शराब दुकानों में MRP से ज्यादा कीमत पर बिक्री के मामले में आबकारी विभाग सख्त, पहले भी दर्जनभर से ज्यादा अफसरों पर हो चुकी है कार्रवाई

रायपुर। छत्तीसगढ़ की सरकारी शराब दुकानों में MRP से ज्यादा कीमत पर शराब बेचने और अन्य अनियमितताओं की शिकायतों ने आबकारी विभाग की चिंता बढ़ा दी है। ओवररेटिंग के मामलों पर विभाग ने अब सख्त रुख अपनाते हुए दो आबकारी उपनिरीक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। दोनों अधिकारियों से सात दिन के भीतर जवाब मांगा गया है।
इसके अलावा एक अन्य मामले में आबकारी उपनिरीक्षक को निलंबित कर दिया गया है, जबकि शराब की बोतलों में लीकेज और पैकेजिंग की गड़बड़ी मिलने पर एक बॉटलिंग कंपनी को भी नोटिस जारी किया गया है।
MRP से ज्यादा में शराब बेचने पर SI को नोटिस
बलौदाबाजार जिले के कंपोजिट रोहासी स्थित विदेशी मदिरा दुकान में निर्धारित दर से अधिक कीमत पर शराब बेचे जाने की शिकायत सामने आई थी। मामले में आबकारी उपनिरीक्षक पी. माधव राव को कारण बताओ नोटिस जारी कर सात दिन के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
विभाग अब यह पता लगाने में जुटा है कि निर्धारित MRP से अधिक कीमत पर शराब की बिक्री कैसे हुई और इसमें जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका क्या रही।
जब्त शराब भी महंगे दाम पर बेचने का आरोप
दूसरा मामला बालोद जिले के ग्राम अरकार से सामने आया है। यहां आबकारी उपनिरीक्षक आशाराम शाक्य के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
आरोप है कि कार्रवाई के दौरान जब्त की गई शराब की पेटियों को ही निर्धारित कीमत से अधिक दर पर थोक में बेच दिया गया। इस मामले में भी संबंधित उपनिरीक्षक को नोटिस जारी कर सात दिनों के भीतर जवाब देने के निर्देश दिए गए हैं।
ओवररेट के खिलाफ पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
सरकारी शराब दुकानों में ओवररेटिंग की शिकायतों को आबकारी विभाग पहले भी गंभीरता से ले चुका है। विभाग के मुताबिक, इससे पहले एक दर्जन से अधिक आबकारी उपनिरीक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है।
लगातार सामने आ रही शिकायतों के बाद विभागीय स्तर पर निगरानी और कार्रवाई तेज कर दी गई है।
रायपुर बॉटलिंग कंपनी को भी नोटिस
मामला सिर्फ ओवररेट तक सीमित नहीं है। मेसर्स रायपुर बॉटलिंग कंपनी, प्रो. रायपुर बॉटलिंग प्राइवेट लिमिटेड, एफएल-09 लाइसेंसी, ग्राम बहनाकाड़ी, मंदिरहसौद, रायपुर को भी आबकारी विभाग ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
बीजापुर जिले की देशी मदिरा दुकान में ‘सवाशेरा’ ब्रांड की शराब की बोतलों में लीकेज और पैकेजिंग में अव्यवस्था पाए जाने के बाद यह कार्रवाई की गई।
जांच में सवाशेरा मसाला पाव की 19 पेटियों में 16 बोतलों में लीकेज मिला। वहीं सवाशेरा प्लेन मदिरा की 160 पेटियों में 154 बोतलों में लीकेज पाया गया।
ACB केस के बाद आबकारी SI निलंबित
इधर, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के आबकारी उपनिरीक्षक संतोष कुमार नारंग पर भी विभागीय कार्रवाई हुई है। उनके खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो में मामला दर्ज होने के बाद आबकारी आयुक्त पीएस एल्मा ने उन्हें निलंबित कर दिया है।
विभाग में लगातार सख्ती, कई अफसर रडार पर
आबकारी विभाग में लगातार मिल रही शिकायतों और अनियमितताओं के बाद विभागीय स्तर पर कार्रवाई तेज होती दिखाई दे रही है। MRP से अधिक कीमत पर शराब बिक्री, जब्त शराब की बिक्री में अनियमितता और शराब की बोतलों में लीकेज जैसे मामलों को विभाग ने गंभीरता से लिया है।
अब सवाल यह है कि सरकारी शराब दुकानों में MRP से ज्यादा कीमत पर बिक्री का खेल आखिर कब पूरी तरह रुकेगा? लगातार कार्रवाई के बावजूद सामने आ रहे मामलों ने विभाग की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
